अंतिम वर्ष की परीक्षा सितंबर 2020 तक होगी, यूजीसी ने जारी किया दिशानिर्देश

कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्रालय ने कह दिया है कि विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं सितंबर में होंगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस बात की घोषणा भी की, “टर्मिनल सेमेस्टर का संचालन विश्वविद्यालयों द्वारा सितंबर, 2020 में ऑफलाइन (पेन और पेपर) या ऑनलाइन या मिश्रित (ऑनलाइन + ऑफलाइन) मोड में किया जाएगा।”

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव ने विश्वविद्यालयों और संस्थानों को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देने के लिए पत्र भी भेज दिया है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार अंतिम परीक्षाएं अनिवार्य हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है, “अंतिम परीक्षा अनिवार्य रूप से विश्वविद्यालयों को यूजीसी परीक्षा दिशानिर्देशों और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसारआयोजित की जानी है।”

देश में फैले कोरोनावायरस को रोकने के लिए भारत ने मार्च के अंतिम सप्ताह में शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं को भी टाल दिया गया।

यूजीसी की ओर से यह भी कहा गया कि जिन छात्रों के पास बैकलॉग है, उन्हें ‘व्यवहार्यता और उपयुक्तता’ के अनुसार ऑफ़लाइन या ऑनलाइन परीक्षाओं द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। अगर अंतिम वर्ष का छात्र परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो विश्वविद्यालय को छात्र के लिए विशेष परीक्षा की व्यवस्था करनी होगी। उपर्युक्त प्रावधान केवल वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए एक बार के उपाय के रूप में लागू होगा।

इससे पहले, ऐसी खबरें थीं कि देश में कोविड-19 के फैलने के बीच यूजीसी अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को रद्द कर सकती है। यह घोषणा छात्रों में कुछ स्पष्टता लाएगी। वैसे कुछ राज्यों ने फाइनल परीक्षा ना कराकर पहले के परफॉर्मेंस पर मूल्यांकन करने का आदेश पहले जारी कर दिया था। अब उन राज्यों को फिर से इस पर विचार करना होगा।

गुलशन।

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