झारखण्ड में केबल TV के माध्यम से पठन-पाठन को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश, जानें कैसे किया जा रहा प्रबंध?

कोरोना की वजह से लोगों को घरों में बन्द होना पड़ा है। जिसके चलते तमाम तरह की परेशानियों ने जन्म ले लिया है। तमाम बड़ी परेशानियों में एक बड़ी परेशानी शिक्षा की भी है। लॉकडाउन के चलते स्कूल कॉलेज बन्द हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लेकिन कहा जाता है न कि जब एक रास्ता बन्द होता है तो दूसरा खुल जाता है। इस कहावत को सच करते हुए एक पहल चलाई गई, जिसमें TV के माध्यम से कक्षाएं चलाई जा रही हैं।

आपको बता दें कि यह घटना झारखंड की है। झारखण्ड के गिरिडीह में बच्चों को पढ़ाने के लिए केबल TV को ज़रिया बनाया गया है। गौरतलब है कि इस अनोखे काम में सरकारी और निजी स्कूलों के 60 शिक्षक लगे हैं।

दरअसल आईएसएम महामारी को देखते हुए गिरिडीह के सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षक एक मंच पर आए हैं। कक्षा 9 से 12 तक के 50 हजार बच्चों को टीवी के माध्यम से शिक्षा देने की शुरुआत की गई है। शिक्षक-शिक्षिकाएं विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं। फिर इसे यहां के लोकल केबल टीवी पर प्रसारित किया जाता है। इस नेक काम का मकसद यह है कि किसी भी सूरत- ए- हाल में छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।

असल में इस अनोखे पहल के पीछे सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की देन है। ऐसा बताया जा रहा है कि क़रीब एक माह से यह क्लासेज चलाई जा रही हैं। इसके लोई पूरा प्रबंध किया गया है। शिक्षक विषय विशेष से संबंधित अभ्यास को पढ़ाने की रिकॉर्डिंग करते हैं। फिर इस रिकॉर्डिंग को केबल टीवी पर प्रसारित कर दिया जाता है।

इस कार्य के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की एक टीम बनाई गई है। इसमें 40 सरकारी और 20 प्राइवेट विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं। झारखंड बोर्ड और सीबीएसई के करीब 50000 छात्र-छात्राएं इस प्रकार पढ़ाई से लाभान्वित हो रहे हैं।

मालूम हो कि गिरिडीह के डीसी राहुल कुमार सिन्हा के निर्देश के बाद शिक्षण के ये सभी वीडियो नेशनल इन्फॉर्मेशन वेबसाइट(NIC) पर भी अपलोड किए गए हैं। सीसीएल डीएवी स्कूल के प्राचार्य डॉ. बीपी राय और सर जेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय के शिक्षक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा इसकी देख रेख कर रहे हैं। इस पहल पर मुन्ना प्रसाद ने बयान दिया कि लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई की सभी को चिंता थी। ऐसे में यह पहल सार्थक हो गई। बता दें कि झारखंड में गिरिडीह पहला जिला है, जहां केबल टीवी से पठन-पाठन को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।

अगर ये प्रयोग सफ़ल है तो इस तरह के प्रबंध सभी राज्यों को करना चाहिए। क्योंकि सभी राज्यों में विद्यर्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ- साथ राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को भी ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही इस तरह के पहल के साथ ये भी सुनिश्चित करना होगा कि गांवों के बच्चे या जिनके पास संसाधनों की कमी है वो इसका लाभ ले पा रहे हैं या नहीं।

नरेंद्र।

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