पाकिस्तान के जेल में बंद कुलभूषण जाधव अपनी सजा के लिए समीक्षा याचिका नहीं करेंगे दायर

पाकिस्तान ने दावा किया है कि कुलभूषण जाधव ने अपनी सजा और सजा पर पुनर्विचार के लिए एक समीक्षा याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है और इसके बजाय दया याचिका के साथ आगे बढ़ना चाहता है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान के अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल ने बुधवार को दावा किया कि अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग करते हुए, 17 जून, 2020 को पूर्व भारतीय नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को उनकी सजा और सजा पर पुनर्विचार के लिए एक याचिका दायर करने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने अपनी सजा और सजा पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर करने से इनकार कर दिया।

एक संवाददाता सम्मेलन में, अधिकारी ने कहा कि कुलभूषण जाधव ने 17 अप्रैल, 2017 को दायर दया याचिका को आगे बढ़ाने और ज़ोर दिया है।

विदित हो कि कुलभूषण जाधव, 49 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी, को अप्रैल 2017 में “जासूसी और आतंकवाद” के आरोप में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।

पाकिस्तान के तरफ से आ रहे इस तरह के खबर का क्या मतलब है?

जानकारों की माने तो इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत के तरफ से हूए प्रयासों के बाद पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मुकदमे को पुरी दुनिया के सामने एक निर्पेक्ष मुकदमा के तौर पर दिखाना चाहता है।

इस ओर भारत का स्टैंड क्या है?

भारत की तरफ से ये बात साफ तौर पर कहा है कि पाकिस्तान के सारे आरोपों को नकारा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान एक पूर्व सेना के अधिकारी को बंदी बनाकर बस भारत को चोट पहुँचाना चाहता है। भारत के तरफ से ये भी कहा गया है कि जो भी सबूत पाकिस्तान ने पेश किए हैं उससे जाधव पर लगे आरोप सिद्ध नहीं होते हैं।

गुलशन।

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