महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर को अलविदा कहा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए एमएस धोनी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।

एक साल से अधिक समय से उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। बता दें कि एमएस धोनी ने पिछले साल जुलाई में विश्व कप खत्म होने के ठीक बाद खेल से अनिश्चितकालीन विश्राम लिया और तब से एक भी मैच नहीं खेला था।

इस साल की शुरुआत में, बीसीसीआई ने उन्हें केंद्रीय अनुबंध सूची से भी हटा दिया था, लेकिन अभी भी अफवाहें थीं कि एमएस धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लेंगे।

खबर ये भी आ रही थी कि आईपीएल के आगामी संस्करण को धोनी ऐसे टूर्नामेंट के रूप में देख रहे थे जो उनके भारतीय टीम में वापसी के लिए अपना मार्ग प्रशस्त कर सकता था।

आपको बता दें कि धोनी अब भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे लेकिन उनके फैंस को निराश होने की जरूरत नहीं है।वे 19 सितंबर से यूएई में आयोजित होने वाले आईपीएल टूर्नामेंट में एक्शन में लौटेंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले ने भारतीय इतिहास में एक शानदार अध्याय का अंत कर दिया है। एमएस धोनी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा सफलता पाने वाले कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं।

विश्व कप विजेता कप्तान विकेटकीपर के रूप में सबसे अधिक आउट होने की सूची में तीसरे स्थान पर है। मार्क बाउचर और एडम गिलक्रिस्ट के अलावा, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 800 से अधिक आउट होने वाले एकमात्र विकेटकीपर हैं।

बल्ले के साथ, वह खेल के इतिहास में उन खिलाड़ियों में से एक है जिन्होंने वनडे में 10,000 से अधिक रन बनाए हैं। टेस्ट में, उन्होंने लगभग 5,000 रन बनाए हैं, जबकि टी20 में, उन्होंने 1,600 से अधिक रन बनाए हैं।

उनका कप्तानी का रिकॉर्ड और भी बेहतर है। उन्होंने 2007 के टी 20 विश्व कप, 2011 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का नेतृत्व किया और इन तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बनें। यह भी बता दें कि उनके नेतृत्व में भारत पहली बार टेस्ट क्रिकेट के शिखर पर पहुंचा और कई यादगार श्रृंखलाओं में जीत दर्ज की।

गुलशन।

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