राजस्थान राजनीतिक संकट: सीएम गहलोत हुए नरम, सचिन पायलट ने कांग्रेस के मुख्य व्हिप को पत्र लिखा

बता दें कि पार्टी के साथ अपने पहले आधिकारिक संवाद में, बागी कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान विधानसभा में पार्टी के मुख्य व्हिप महेश जोशी को लिखा है कि वे कांग्रेस का हिस्सा हैं और उन्हें दो एमएलए मीटिंग को इसलिए छोड़ा है क्योंकि और उनपर और उनके सहयोगी 18 विधायकों पर संगीन आरोप लगाए गए थे। बदले में, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि वे बागियों को गले लगाने के लिए तैयार हैं यदि वे कांग्रेस आलाकमान से माफी मांगते हैं और वे उन्हें माफ कर देतें है।

उन्होंने कहा, “यह पार्टी हाईकमान पर निर्भर करता है। यदि पार्टी हाईकमान माफ करता है, तो मैं उन्हें गले लगाऊंगा।”

गहलोत ने भाजपा को निशाने पर लिया। जैसलमेर में उन्होंने कहा, “हमारा किसी के साथ कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। लोकतंत्र में विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों पर झगड़े होते हैं लेकिन सरकार को गिराने के लिए नहीं। मोदी जी को यह नाटक खत्म करना चाहिए।”

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने जोशी को ई-मेल भेजा था, जिसमें कहा गया था कि वह विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हो सकें क्योंकि वे उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ राजस्थान सरकार को गिराने के लिए झूठे आरोपों के लिए कानूनी एडवाइस की मांग कर रहे थे।

उन्होंने लिखा कि यही नहीं, उनके खिलाफ एफआईआर किया गया था और उन्हें कानूनी नोटिस भी भेजे गए थे।

कांग्रेस सतर्कता से आगे बढ़ रही है क्योंकि उसे लगता है कि पायलट के इस कदम का उद्देश्य कानूनी रूप से उसके मामले को मजबूत करना है। एक सूत्र ने कहा, “यह साबित करने के लिए एक अच्छी तरह से तैयार किया गया कानूनी दस्तावेज है कि यह पार्टी में एक तरह का असंतोष है, क्योंकि वह और उनके सहयोगी चाहते थे कि नेतृत्व परिवर्तन हो और इसे दलबदल के रूप में नहीं देखा जाए।” गहलोत के लहजे में बदलाव यह दर्शाता है कि विधानसभा में संख्या का खेल तंग है। वह 14 अगस्त से पहले बागी विधायकों को वापस जीतने के लिए उत्सुक है।

गुलशन।

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