लद्दाख संकट: आज हो सकती है चौथी कोर कमांडर-स्तरीय मीटिंग

भारतीय और चीनी सैनिकों ने लद्दाख में दोनों राष्ट्रों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के चौथे दौर का आयोजन करने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक के मंगलवार को होने की संभावना है।

पहले चरण के विघटन के बाद दोनों बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच यह पहली बैठक होगी। अब, दोनों सेनाओं के तरफ से यह एजेंडा होगा कि सभी विवादित क्षेत्रों में सैनिकों की उपस्थिति को और अधिक कम करना तथा एलएसी के पास लाए गए हथियारों में भी कमी करना।

चुशुल में भारतीय सेना द्वारा आयोजित की जाने वाली बैठक, पैंगोंग त्सो क्षेत्र में और अधिक विघटन पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। दोनों सेनाओं ने पहले ही अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है और गलवान नदी घाटी में एक बफर जोन बनाया है।

सरकारी सूत्रों ने कहा है कि, इस बैठक में दोनों देश एलएसी के पास अपने पीछे के ठिकानों में दोनों पक्षों द्वारा सैनिकों को हटाने के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देंगे।

पूर्वी लद्दाख के कई स्थानों पर दोनों सेनाओं के बीच में आठ सप्ताह के संघर्ष के बाद घर्षण बिंदुओं से सैनिकों का विघटन औपचारिक रूप से 6 जुलाई को हुआ।

सरकारी स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने अस्थायी उपाय के रूप में गलवान घाटी, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स के तीन घर्षण बिंदुओं में तीन किलोमीटर के एक बफर क्षेत्र का निर्माण किया है। सूत्रों ने पुष्टि की कि सैनिकों ने पैंगोंग त्सो में फिंगर 4 क्षेत्र से पुलबैक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गुलशन।

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