29 जुलाई को भारत को मिलेंगे 5 राफेल जेट विमान

भारतीय वायु सेना ने कहा कि पांच राफेल जेट विमानों का पहला जत्था 29 जुलाई को भारत में आने की उम्मीद है। यह “गेम-चेंजर” विमान 29 जुलाई को हरियाणा के वायु सेना स्टेशन अंबाला में शामिल किया जाएगा।

भारतीय वायुसेना ने कहा, “वायुसेना के विमानों और ग्राउंड क्रू ने अपने उच्च उन्नत हथियार प्रणालियों सहित विमान पर व्यापक प्रशिक्षण लिया है और अब पूरी तरह से तैयार हैं। आगमन के बाद, जल्द से जल्द विमान के परिचालन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।”

जानकारी के लिए बता दें कि दो स्क्वाड्रन वाले कुल 36 जेट्स अगले दो वर्षों के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) का हिस्सा होंगे।

जहां पहला स्क्वाड्रन पश्चिमी क्षेत्र के अंबाला से चालू होगा, वहीं दूसरा पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में चीनी खतरे का मुकाबला करने के लिए आएगा।

राफेल फाइटर जेट शक्तिशाली उल्का और स्कैल्प मिसाइलों से लैस है जो भारतीय वायु सेना की हवाई क्षमताओं और हवाई प्रभुत्व को बढ़ाएगा।

उल्का एक परे-दृश्य-श्रेणी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जबकि, स्कैल्प लंबी दूरी की वो मिसाइल है, जिसे तय और स्थिर लक्ष्यों को हिट करने के लिए विमान से प्रक्षेपण किया जा सकता है।

आपको बता दें कि इस विमान में भी कई भारत-विशिष्ट परिवर्तन किए गए हैं। भारतीय वायु सेना के कर्मियों ने संचालन और रखरखाव जैसे कई पहलुओं पर फ्रेंच कर्मियों के साथ प्रशिक्षण लिया है।

2016 में एक सरकार-से-सरकार के समझौते में, भारत ने 59,000 करोड़ रुपये की लागत से फ्रांसीसी विमान निर्माता डसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल खरीदने का फैसला किया। इस खरीद को आधार बनाकर विपक्ष राजनीतिक तूफान लाने की कोशिश करता रहा और सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह बढ़े हुए मूल्य पर सौदा कर रही है।

गुलशन

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